20.5.18

सोशल मीडिया ने बनाई नेटवर्क मार्केटिंग मे नई राह !

जब इंटरनेट इतना प्रचलित नही था, और सोशल मीडिया का नाम भी नही था। उस समय कंपनी का माल भी मार्केट मे आने के बाद भी महीनो सालो तक लोगो के पास पहुंचती थी। लेकिन अब जब इंटरनेट लोगो की जेब मे हैं। युवा छात्रो से लेकर बुर्जुग तक सभी सोशल मीडिया पर एक्टिव है। जंहा एक ओर तो आॅनलाइन खरीदारी का चलन चल पडा है। वहीं दुसरी ओर अनेको नेटवर्क मार्केटिंग कंपनियों ने भी सोशल साइट्स का सहारा लिया है।
जिसके बाद से नेटवर्क मार्केटिंग की मांग काॅरपोरेट जगत मे इसकी मांग तेजी से बढ़ी है। सोशल मीडिया के माध्यम से नेटवर्क मार्केटिंग मे करियर के नए विकल्प उभर के सामने आए है। इसके साथ ही इस क्षेत्र में तरक्की करने की असीम संभावनाएं हैं। इसके दो कारण हैं। पहला तो यह कि भारत में इस समय करोडो इंटरनेट उपभोक्ता है। और दूसरा ये कि भविष्य में इनकी संख्या करीब दस गुना तक बढ़ने की उम्मीद जताई जा रही है। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि अगर किसी कंपनी को टिके रहना है तो उसे इस नए डिजिटल माध्यम द्वारा ग्राहकों की जेब से पैसा निकालना होगा।
फेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम और ना जाने कितनी सोशल साइट्स मोबाइल के रूप मे आपकी जेब मे हैं। सोशल साइट्स की उपयोगिता को दुनिया की तमाम बड़ी कंपनियां भली भांति जानती हैं। यही कारण है जब दुनिया भर की तमाम कंपनी अपने बिजनेस व उत्पादो का सोशल मीडिया पर खुब प्रचार प्रसार कर रहीं है।

क्या है सोशल मीडिया नेटवर्क मार्केटिंग

सोशल मीडिया द्वारा तमाम सोशल साइट्स के जरिये नेटवर्क मार्केटिंग किसी कंपनी या उसके उत्पाद की मार्केटिंग का काम करती है। इसके जरिये कुछ लोग या टीमए किसी खास वस्तु को सोशल साइट्स पर लोकप्रिय बन रही हैं। जिससे उसकी बिक्री में बढ़ोतरी होती है। इसमें सबसे अधिक वे सोशल साइट्स लाभदायक हैं, जिन पर ज्यादा ट्रैफिक आता है,  ट्रैफिक यानी उस साइट पर निरंतर आने जाने वाले लोग। अगर आप भी फेसबुक यूजर हैं तो आपने इस तरह के कई विज्ञापन देखे होंगे। पर सोशल मीडिया नेटवर्क मार्केटिंग इन विज्ञापनों से कुछ अलग काम है। इसमें सीधे तौर पर नेटवर्क मार्केटिंग करने की बजाय किसी मुहिम के तहत ब्रांडिंग की जाती है।

कंपनियों को क्या मिलता है फायदा

सोशल नेटवर्किंग वेबसाइट्स किसी भी व्यक्ति को दूसरे व्यक्ति या ग्रुप या कंपनी से सीधे बातचीत का मौका देती हैं। ऐसे में जब कोई कंपनी सोशल साइट पर आती है तो लोग उससे तो लोग सीधे तौर पर उस कंपनी से जूड सकतें हैं तथा पोस्ट कर सकते है। यही कारण है कि सोशल साइट पर उत्पाद को लोकप्रिय होते समय नहीं लगता। उदाहरण के लिए ट्विटर पर रीट्वीट और रीपोस्ट के विकल्प किसी भी ग्राहक को वृहद नजरिए से उत्पाद को जांचने का और उसे पसंद या नापसंद करने का मौका देते हैं। इससे लोगों की संख्या में इजाफा होता है और कई जानकारियों का भी आदान प्रदान होता है। यह नेटवर्क मार्केटिंग मे बिजनेस को बढ़ाने मे दुसरे ओर तरीको से काफी ज्यादा कारगार साबित हो रहा है। चूंकि हर व्यक्ति को कंपनी खुद जवाब देती है, इसलिए ग्राहक की कंपनी के प्रति विश्वसनीयता भी बढ़ती है।

नेटवर्क मार्केटिंग मे लोकप्रियता बढाने का तरीका

नेटवर्क मार्केटिंग में सिर्फ उत्पादों की लोकप्रियता बढ़ाना ही मकसद नहीं, बल्कि कई अलग नजरियों से भी लोग इसका इस्तेमाल कर रहे हैं। उदाहरण के लिए विधानसभा के चुनाव हो या फिर लोकसभा के इनमे प्रचार प्रसार करने के लिए सोशल मीडिया का खुब सहारा लिया गया है। चाहे जिसमे ट्विटर हो या फिर फेसबुक अन्य सोशल साइट्स पर इनका खुब इस्तेमाल किया और इससे उनकी लोकप्रियता में काफी इजाफा हुआ । समय समय पर उनके सोशल नेटवर्किंग प्रोफाइल पेजों को अपडेट किया गया और वे लोगों से सीधे जुड़े रहे। इसी का इस्तेमाल पिछले आम चुनाव में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी किया था, जिससे सोशल साइट्स पर उनकी लोकप्रियता बढ़ी थी।

कहां कहां होती है जरूरत

ट्विटर-: (Twiter) ट्विटर कंपनियों को अपने उत्पादों को प्रमोट करने के लिए 140 कैरेक्टर की सीमा देता है, जिसमें छोटा ट्वीट लिखा होता है। यह ट्वीट सीधे तौर पर उस उत्पाद की वेबसाइटए फेसबुक प्रोफाइल फोटोए वीडियो आदि से जुड़ा होता है। हालांकि ट्विटर ने अब शब्द सीमा बढ़ा कर अधिकतम 1000 कैरेक्टर कर दी है।
यू.ट्यूब-: (Youtube) इसमें कंपनियां अपने उत्पाद को वीडियो की सहायता से ग्राहकों तक पहुंचाती हैं। उदाहरण के लिए अगर किसी कंपनी ने कोई ऐसा प्रोडक्ट बनाया है,
और उसे यू ट्यूब पर अपलोड किया है और वहीं प्रोडक्ट किसी अन्य कंपनी ने भी वही प्रोडक्ट बनाया तो यह संभव है कि उसे यहां ऐसा वीडियो भी मिल जाए। भारत मे आज के समय करोडो लोग यूट्यूब पर जा रहे हैं।
  • फेसबुक-:(Facebook) इसमें किसी भी उत्पाद का वीडियो, फोटो या लंबी सी व्याख्या आदि पोस्ट की जा सकती है। यह सीधे तौर पर ट्विटर से लिंक होता है।
  • गूगल प्लस-:(google+) यहां उत्पाद के साथ गूगल सर्च इंजन का विकल्प भी होता है, जिससे ग्राहक उसके बारे में और जानकारियां सर्च कर सके।
  • लिंक्डइन-:(Linkedin) यह कंपनियों को प्रोफेशनल प्रोफाइल बनाने की इजाजत देता है। इसमें भी ट्विटर आदि का लिंक अटैच होता है।
  • इंस्टाग्राम-:(Instagram) मई 2014 तक इंस्टाग्राम के 2 करोड़ से अधिक उपयोगकर्ता थे। जो कि अब बढ़कर 100 करोड से अधिक हो चूके हैं जिसमे कि आधे से ज्यादा एशिया और यूरोप के लोग शामिल है। एक अध्यन मे पाया गया है कि इंस्टाग्राम पर 18 से 24 साल के अधिकतर युवा वर्ग के लोग है। इसके साथ ही अध्यन मे यह भी पाया गया है कि भारतीय इंस्टाग्राम का इस्तेमाल न केवल तस्वीरे शेयर करने के लिय कर रहें है बल्कि आॅनलाइन शाॅपिंग करने के लिय भी कर रहे है। 50 प्रतिशत भारतीय इसका इस्तेमाल कर रहें है। इंस्टाग्राम कंपनियों को मौका देता है कि वो लोगों से सीधे तौर पर जुड़ सकें और अपनी बात रख सकें। टंबलर क्या है।
  • टंबलर-:(Tumblr) यह कंपनी को ब्लॉग बनाने को कहता है, जिसके जरिए ग्राहक उससे खुद संपर्क कर सके। टंबलर जो आपके ब्लॉग प्रकाशन को और भी सरल बनाता है और यह व्यक्तिगत इस्तेमाल के लिए बिलकुल मुफ़्त है। इंटरनेट पर खुद को चर्चित बनाने के लिए एक शानदार तरीका है । विशेष रूप से तब, जब आपको पता हो, कि किस तरह से फॉलोवर्स पाने हैं और किस तरह से इन्हें बनाए रखना है।
Tumblr चर्चित लोगों से बात करें आपको कुछ ऐसे लोगों को तलाशना होगा जो आपके क्षेत्र में बहुचर्चित हों। उनसे ना सिर्फ उनके फॉलोवर्स के सामने आपको फॉलो करने का कहें, बल्कि उनसे सवाल करें, और ज्यादा व्यक्तिगत तौर पर जुड़ने का प्रयास करें। सब से पहले पेज को जांचें यहाँ पर हाल में पूछे हुए सवाल मौजूद रहते हैं, यह जानने के लिए कि यह किस प्रकार की गतिविधि चलते हैं। एक बार आप के संबंध उन के साथ अच्छे हो जाएँ फिर आप उनके सामने आपके ब्लॉग को जांचने और उनके फॉलोवर्स के साथ में बाँटने और प्रमोट करने का पूछ सकते हैं। यह तब के लिए और भी बेहतर होगा जब आप अपने दिमाग में कुछ विशेष लेकर आगे बढ़ रहे हैं।
टैगिंग-:(Tagging) किसी भी पोस्ट पर ज्यादा से ज्यादा लाइक्स पाने और इसे ज्यादा बार रिपोस्ट कराने के लिए टैग का उपयोग एक बेहद अच्छा तरीका है। इससे आपका Tumblr के पोस्ट लोगों की नजर में आएगा। यदि आप अपने पोस्ट को टैग करते हैं, तो ऐसे लोग जो इस टैग
को फॉलो करते हैं, वे भी आपके पोस्ट को देख पाएँगे। और यदि उन्हें इसमें दिलचस्पी नजर आई तो वे जरुर इसे लाइक करेंगे और इसके साथ ही इसे रिपोस्ट भी करेंगे और यदि आपके ब्लॉग पर कुछ इसी तरह के कंटेंट होंगे, तो वे भी आपको फॉलो करना शुरू कर देंगे।
आप चाहें तो अलग अलग तरह के टैग का उपयोग कर सकते हैं, और वे कुछ इस तरह से हैं। यदि आपके Tumblr पर बहुत एक ही तरह के बहुत सारे कंटेंट हैं, तो आप चाहेंए तो इस पोस्ट के लिए एक विशेष टैग बना सकते हैं ।

क्या करना होता है काम

इसमें मुख्य तौर पर दो तरह के काम करने होते हैं. प्रमोशन और मॉनिटरिंग। प्रमोशन के तहत सोशल मीडिया के माध्यम से ब्रांड के प्रति लोगों में जागरूकता और बिक्री को बढ़ाना, नए उत्पादों का लॉन्च रीलॉन्च आदि सब
सम्मिलित होता है। मॉनिटरिंग में यह समझना होता है कि लोग ब्रांड को कैसे ले रहे हैं और रिस्पॉन्स क्या मिल रहा है।
. प्लानिंग में सहयोग देना।
. एक्टिव होकर लोगों को रिस्पॉन्स करना।
. नए ट्रेंडस को जान कर उस तरह से काम करना। आने वाले प्रोजेक्ट्स में नए ट्रेंड्स का ध्यान रखना।
. इसके अलावा डिजाइन या डेवलेपर के तौर पर भी काम कर सकते हैं। नए प्रोजेक्ट को यही लोग डिजाइन करते हैं।
किन्हें मिलती है वरीयता
इस इंडस्ट्री से जुड़े लोग कहते हैं कि वे ऐसे लोगों की तलाश में रहते हैं, जो सोशल मीडिया को अच्छी तरह समझते हों और लोगों से संवाद बनाना जानते हों। आवश्यक नहीं कि आप मार्केटिंग बैकग्राउंड से ही हों।

प्लानिंग सही हो

हर सोशल साइट पर अलग तरह के लोग आते हैं। ऐसे में आपको यह समझना होगा कि किस तरह की साइट पर कैसे लोग अधिक आते हैं। उदाहरण के लिए कुछ समय पहले एक अध्ययन में यह बताया गया था कि ट्विटर को यूज करने वालों की औसत उम्र 28 साल है।
फेसबुक पर पुरुषों की अपेक्षा महिलाएं अधिक हैं। इंस्टाग्राम को 18 से 29 साल के लोग ज्यादा यूज करते हैं। यदि आप इस तरह के आंकड़ों को आधार बना कर ग्राहकों के मुताबिक विज्ञापन, स्लोगन, वीडियो आदि डिजाइन करते हैं तो जल्दी लोकप्रियता मिलेगी।

कंटेंट हो दमदार

ऐसी टैगलाइन बनाएं या फिर वीडियो शेयर करें, जो लोगों से कनेक्ट हों। लोगों की भावनाओं और जीवन से जुड़ा कंटेंट इस फील्ड में आपको हीरो बना सकता है। बस इस बात का ध्यान रखें कि वह आपके उत्पाद या कंपनी से रिलेट करता हो।

विजुअली सोचें

यह विजुअल दुनिया है, कहा भी जाता है कि एक अच्छी तस्वीर हजारों शब्दों को अपने में समेट लेती है, इसलिए इसका ध्यान रखें कि कंटेंट के साथ फोटो भी हो। एक्टिव रहें इस फील्ड की पहली मांग यह है कि आप लोगों को तुरंत जवाब दें। उनसे अधिक से अधिक बात करें और कोशिश करें कि ज्यादा से ज्यादा लोग आपसे जुड़ें।

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